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नागपुरी शब्दों का हिन्दी अर्थ , nagpuri bhasha ka hindi mein arth

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नागपुरी शब्दों का हिन्दी अर्थ जानिये , नागपुरी शब्दों का हिन्दी में अर्थ जानिये सबद बिचार ( शब्द विचार )  खड़ी बोली हिन्दी भासा जइसन नागपुरी में अरथ वाला गुइल - गाहाइर जेकर कोनो अरथ निकले उके सबद कहल जायला । ( खड़ी बोली हिन्दी भाषा की तरह नागपुरी में सार्थक ध्वनि को शब्द कहा जाता है । ) मोटा - मोटी हेंठे लिखल उदाहरन से सबद बिचार स्पष्ट होय जाइ ( सामान्यत : निम्नांकित उदाहरणों से ' शब्द विचार ' स्पष्ट हो जायेगा । )  नागपुरी शब्दों का हिन्दी अर्थ , नागपुरी शब्दों का हिन्दी में अर्थ नागपुरी शब्दों का हिन्दी अर्थ , nagpuri bhasha ka hindi mein arth :  परमुख सबद तालिका ( प्रमुख शब्द तालिका )  नागपुरी शब्द           |          हिन्दी अर्थ   आपन                   |          अपना मेसा- कोसा            |          मिला - जुला दोसर - तिसर          |      ...

नागपुरी भाषा लिखने की शैली, Nagpuri language writing style

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नागपुरी भाषा लिखने की शैली, Nagpuri language writing style Nagpuri Bhasha likhane Ki Saheli Nagpuri language writing style in Hindi नागपुरी भाषा लिखने की शैली के बारे में जानिये :  Nagpuri Bhasha likhane Ki Saheli Nagpuri language writing style in Hindi नागपुरी भाषा लिखने की शैली :  आज तक नागपुरी भाषा की अपनी लिपि का विकास नहीं है । अतः यह देवनागरी लिपि में लिखी और पढ़ी जाती है । नागपुरी भाषा की प्राय : सभी रचनाएँ देवनागरी लिपि में लिखी हुआ गई है । इस भाषा के प्रायः सभी विद्वान नागपुरी भाषा को लिखने - पढ़ने में देवनागरी लिपि को ' मानक लिपि ' माना है । लगभग ढेड सौ वर्षों के बाद भी ' नागपुरी भाषा ' अपने विकास के शैशवकाल में है ।  अभी तक इस भाषा के व्याकरणिक तथ्यों का क्रमिक विकास हिन्दी व्याकरण के सहयोग से हो रहा है । अभी तक प्रकाशित नागपुरी भाषा की पुस्तकों के सहयोग से नागपुरी भाषा की व्याकरण के उन अंशो का उल्लेख नीचे किया जा रहा है जो विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गये प्रश्नों पर आधारित हैं तथा आगामी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं ।  नागपुरी भाषा लिखने की शैली, Nagpuri Bha...

नागपुरी भाषा का परिचय, Nagpuri Bhasha ka Parichay

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झारखण्ड की क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी भाषा का परिचय, Nagpuri Bhasha ka Parichay झारखण्ड की क्षेत्रीय भाषा नागपुरी भाषा परिचय हिन्दी में जानिये : नागपुरी भाषा का परिचय, Nagpuri Bhasha ka Parichay झारखण्ड की क्षेत्रीय भाषा नागपुरी भाषा का परिचय  झारखण्ड में ' जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा ' के अन्तर्गत कुल 9 भाषाओं को मान्यता दी गई है । इन भाषाओं को दो श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है :  ( i ) जनजातीय भाषा- संताली , मुण्डारी , हो , खड़िया तथा कुडूख   ( ii ) क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी , कुरमाली , खोरठा तथा पंचपरगनिया ।  नागपुरी दक्षिणी झारखण्ड की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली मधुर भाषा है । झारखण्ड राज्य की पहली भाषा के रूप में इसकी गिनती होती है । प्राचीन नागपुरी का अनुमान काल आठवीं से ग्यारहवीं शताब्दी माना गया है । जबकि आधुनिक नागपुरी का उद्भव काल 14 वीं से 16 वीं शताब्दी माना गया है । नागपुरी भाषा में कोमल , मधुर , सरल ध्वनि की प्रधानता है । नागपुरी सांस्कृतिक आधार से मैदानी संस्कृति से एकदम अलग है । नागपुरी में सीमा पार के भाषाओं के प्रभाव के साथ - साथ झारखण्डी भाषा...

झारखण्ड की जानजातियाँ- एक परिचय, the tribes of Jharkhand in Nagpuri and hindi

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झारखण्ड कर जनजाति - एक नजईर  गोटा भारत में झारखंड कर पहचान एक ठो जनजातीय (आदिवासी) छेतर कर रूप में रइह है । परचीन बेरा सेहें झारखंड में काय ठो जनजातीय समुदाय मन कर रहेक ठाँव रइह हे । 2001 कर जनगनना कर मोताबिक झारखंड कर कुल अबादी 2 करोड़ 69 लाख 45 हजार 8 संय 27 रहे । जेकर में जनजातिमनक संख्या 26.3 फीसद रइह है । बरतमान बेरा में झारखंड में 32 बरन ( परकार ) कर जनजाति मन पावल जायना ई जनजाति मन कर बरगी करन ई तइर हय : - झारखण्ड की जानजातियाँ Jharkhand ki janjatiya झारखण्ड की जानजातियाँ Jharkhand ki janjatiya झारखण्ड की जानजातियाँ- एक परिचय नागपुरी में जानिये  झारखण्ड की जानजातियाँ- एक परिचय सम्पूर्ण भारत में झारखण्ड की पहचान एक जनजातीय पट्टी के रूप में रही है । प्राचीन काल से ही झारखण्ड अनेक जनजातीय समुदायों का निवास स्थल रहा है । 2001 की जनगणना के अनुसार झारखण्ड की कुल जनसंख्या 2 करोड़ 69 लाख 45 हजार 8 सौ 27 थी , जिसमें जनजातियों की संख्या 26.3 प्रतिशत रही है । वर्त्तमान समय में झारखण्ड में 32 प्रकार की जनजातियाँ पायी जाती है । इन जनजातियों का वर्गीकरण निम्न है : झारखण्ड की जानजातिय...