' थोड़ा सा प्यार ' Bacchon Ke Liye Hindi Kahani
थोड़ा सा प्यार ' bacchon ke liye kahani
रिजवान पाँचवीं कक्षा में पढ़नेवाला छात्र था । कट घोड़ा छोटा रंग साँवला और काय दुबली - पतली ली थी । ' जवान पाँचवीं कक्षा में पढ़नेवाला छात्र था । कद थोड़ा छोटा , रंग साँवला और काया दुबली - पतली सी थी ।कक्षा में बच्चे शिकायत करते , " मैम , रिजवान घर में भी मम्मी - पापा और बड़े भाई - बहनों से बहुत मार खाता है । पर गली से गुजरने वाले बच्चों पर ढेला फेंककर मारना नहीं छोड़ता । " वह विद्यालय में शिक्षकों से डाँट भी सुनता , पर थोड़ा सा भी सुधार नजर नहीं आता ।
लंच का समय था । कुछ दिनों पूर्व ही विद्यालय में नई मैम आई थीं , बच्चे दौड़ते हुए नई मैम के पास आए और बोले , " मैम , रिजवान ने एक बच्चे पर पत्थर मारकर उसका सिर फोड़ दिया । " कुछ बच्चे रिजवान को पकड़कर मैम के पास ले आए।
मैम ने रिजवान को देखा , उसके चेहरे पर सिर फोड़ने का थोड़ा सा भी अफसोस नहीं , डरका नामो - निशान भी उसके चेहरे पर नहीं था । उसकी ढिठाई और निडरता देखकर मैम दंग रह गई । मैम ने रिजवान को डाँटा नहीं , बल्कि पुचकारते हुए बोली , " रिजवान , तुम तो बहुत अच्छे लड़के हो , आगे से ऐसी हरकत दोबारा मत करना ।
" और मैम ने उसे प्यार से बहुत कुछ समझाया । दूसरे दिन मैम ने रिजवान को कक्षा में सबके सामने बुलाकर कहा , " तुम मेरी कक्षा के बहुत प्यारे लड़के हो । " मैम ने बच्चों से बुलवाया कि रिजवान एक बहुत ही अच्छा लड़का है ।
रिजवान अचंभित था । शायद पहली बार उसे उसकी बदमाशी के बदले में डॉट - मार की जगह प्यार मिल रहा था । जब भी मौका मिलता , मैम उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरती और समझाती । इस प्यार और स्नेह का रिजवान के कोमल मस्तिष्क पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ा ।
उसे महसूस हुआ कि कोई है , जो उसे प्यार करता है धीरे - धीरे रिजवान की हरकतें कम होती चली गई और उसका ध्यान पढ़ाई की ओर लगने लगा । कक्षा में वह ध्यान से लिखता और गणित के सवाल हल कर शिक्षक को दिखाता । एक समय ऐसा आया कि वह कक्षा में सभी बच्चों का चहेता बन गया ।

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