भटिंडा जलप्रपात इन हिन्दी, Bhatinda jalprpat in Hindi
भटिंडा जलप्रपात इन हिन्दी :
धनबाद स्टेशन से लगभग 14 किमी की दूरी पर स्थित इस जलप्रपात का सुंदर नजारा पर्यटकों को मोहित करता है .
भटिंडा जलप्रपात इन हिन्दी, Bhatinda jalprpat in Hindi
भटिंडा जलप्रपात (fall) के बारे में जानिये :
पेड़ - पौधे , पर्वत - नाले एवं झरने प्रकृति की खूबसूरती को तो बढ़ाते ही हैं , व्यक्ति के तन - मन को भी प्रफुल्लित करते हैं । किसी हरियाली वाले स्थान पर यदि कहीं से कोई झरना निकलता हुआ नजर आ जाए तो फिर कहना ही क्या ? झरने गर्मी में शीतलता प्रदान करते हैं और उनकी कल - कल करती ध्वनि तनाव को दूर करती है ।
भटिंडा जलप्रपात इन हिन्दी ;
भटिंडा फॉल ऐसा ही एक झरना है । यह हरे - भरे स्थान पर है । धनबाद से बोकारो जाने के रास्ते में मुनीडीह खान के पास जंगल में यह जलप्रपात है । धनबाद स्टेशन से लगभग 14 किमी . की दूरी पर स्थित इस जलप्रपात का सुंदर नजारा पर्यटकों को मोहित करता है । इस जलप्रपात को देखने के लिए पूरे वर्ष पर्यटक दूर - दूर से आते हैं , बरसात के मौसम की समाप्ति के साथ ही यहाँ पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होती जाती है ।
भटिंडा जलप्रपात में पर्यटकों की भीड़ दिसंबर से फरवरी के दौरान होती है । यह जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता की चादर में लिपटा हुआ है । इसका इतिहास कई वर्ष पुराना है । यहाँ पर पत्थरों को चीरकर झरनों से गिरता कतरी नदी के पानी की तेज धारा सफेदी के कारण ऐसा प्रतीत होता है , मानो पत्थरों की ऊँची चोटी से दूध की धारा बह रही हो । इस जलप्रपात को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ।
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अब तो झरने तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ , छोटी - बड़ी छतरियाँ , वाहन स्टैंड तथा बच्चों के लिए बने झूले , शौचालय , कपड़े बदलने के लिए कमरे , फव्वारे आदि बनने के बाद यह स्थान वेहद आकर्षक बन गया है । धनबाद रेलवे स्टेशन से यहाँ तक की करीब 20 किमी . की दूरी को निजी या फिर किराए के वाहन से पार किया जा सकता है । यहाँ के आसपास के रहने वाले लोगों का यह प्रिय दर्शनीय स्थल है । वे समय निकालकर यहाँ पर आते रहते हैं ।
इसलिए यहाँ पर भीड़ लगी रहती है । भटिंडा जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता बहुत मनोहारी है । लेकिन यह जलप्रपात बेहद गहरा है । इसलिए पर्यटकों को यहाँ पर मनोरंजन करने के साथ - साथ सुरक्षा के प्रति भी जागरूक होना चाहिए । अधिक गहराई तक नहीं जाना चाहिए और न ही जलप्रपात के समीप जाकर फोटो खींचने का लोभ करना चाहिए ।
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कई बार अनजाने में ही ऐसे स्थानों पर बड़ी दुर्घटना घटित हो जाती है । बच्चों को तो विशेष तौर पर यहाँ सावधान रहना चाहिए और बड़े लोगों के साथ ही आना चाहिए । आप जलप्रपात अवश्य देखें , लेकिन सावधान एवं सतर्क होकर ही मौज - मस्ती करें । कहते हैं न कि ' सावधानी हटी और दुर्घटना घटी । ' सतर्क एवं जागरूक होकर जलप्रपात में घूमने का आनंद लें और तन - मन को ऊर्जावान बनाएँ ।
भटिंडा जलप्रपात इन हिन्दी, Bhatinda jalprpat in Hindi
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