अपना टेलीफोन बनाओ हिंदी स्टोरी
बच्चो एक ऐसा टेलीफोन बनाना , जिससे तुम लगभग तीस मीटर की दूरी तक बात कर सकते हो , बड़ा ही है पतला , पर मजबूत धागा । प्रत्येक मग की तली में एक छोटा सा छेद कर लो । उसमें से बाहर की ओर से धागे का एक सिरा घुसा दो और सिरे पर गाँठ लगा दो , जिससे धागा बाहर न निकल सके..
इस प्रकार प्रत्येक मग टेलीफोन के रिसीवर और माउथपीस दोनों का काम कर सकता है । अब तुम एक मग स्वयं पकड़कर दूसरा अपने किसी साथी को दे दो । साथ ही अपने साथी से कहो कि वह इतनी दूर चला जाए , जिससे धागा पूरी तरह तन जाए , ढीला न रहे ।
धागे के ढीले पड़ जाने से तुम्हारी ध्वनि से उत्पन्न कंपन वायु में चली जाएगी और ध्वनि बहुत धीमी हो जाएगी । धागे के तने रहने से ध्वनि के कंपनों की हानि कम हो जाती है , इसलिए तुम्हारी ध्वनि अधिक दूरी तक और अधिक स्पष्ट तरीके से पहुँच जाती है । इसके अतिरिक्त , इस टेलीफोन के धागे के बीच में एक और धागा जोड़ देने पर तुम अपने दो साथियों से एक साथ बात कर सकते हो ।
पर उसके लिए जोड़े गए धागे के दूसरे सिरे पर भी उसी प्रकार एक मग लगाना होगा , जैसे पहले धागे के सिरे पर लगाए गए थे । इस प्रकार के टेलीफोन से आपस में बात करने के लिए तुम्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि यदि कोई बच्चा बात कर रहा है , तब दूसरा बच्चा उस समय तक बोलना शुरू न करे , जब तक पहला बच्चा अपनी बात पूरी नहीं कर लेता है ।
सुननेवाले को यह बताने के लिए कि तुमने अपनी बात पूरी कह ली है , तुम्हें ' ओवर ' ( बात पूरी हुई ) कहना चाहिए । यदि अंत में तुम ऐसा नहीं कहते , तब सुननेवाला यह समझता रहेगा कि तुमने बात पूरी नहीं की है ।

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