मोहम्मद हसन ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन ?
मोहम्मद हसन ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन :
स्वच्छ भारत अभियान ने प्रत्येक भारतीय को न केवल स्वच्छ और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया है , बल्कि इस बात के लिए भी प्रेरित किया है कि देशवासी समाज एवं पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में पूर्ण योगदान दें । इसके लिए विद्यार्थी उत्साह के साथ काम कर रहे हैं । ऐसे ही एक विद्यार्थी हैं - मोहम्मद हसन । आप उनकी उम्र सुनेंगे तो और भी दंग रह जाएँगे ।वे अभी केवल 12 साल के हैं , लेकिन इतनी कम आयु में ही उन्होंने एक स्मार्ट डस्टबिन बनाया है । मोहम्मद हसन के द्वारा बनाए गए इस डस्टबिन की खास बात यह है कि कचरा भर जाने पर यह खाली करने के लिए अलर्ट ANI भेजता है । इसे वाई फाई से कनेक्ट किया जा सकता है । हसन को इस डस्टबिन को बनाने का आइडिया स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े एक वीडियो को देखकर ही आया था ।
इस डस्टबिन में अल्ट्रासोनिक सेंसर लगे हैं , जो यह पता लगाते हैं कि कचरा कितना भरा है । इसका विश्लेषण करने के बाद सेंसर डस्टबिन में लगी एलसीडी में जानकारी भेजते हैं । कूड़े से भर जाने पर डस्टबिन सीधे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन को कचरा उठाने के लिए संदेश भेजता है । हसन अभी कक्षा आठ के छात्र हैं , लेकिन अत्यंत प्रतिभाशाली हैं ।
अपनी योग्यता के कारण ही वे इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को ट्यूशन देते हैं । अपनी कोचिंग क्लास देने के कारण भी वे देश में प्रसिद्ध हैं । वे एम.टेक , के विद्यार्थियों को डिजाइनिंग और ड्राफ्टिंग पढ़ाते हैं । हसन को बचपन से ही कुछ - न - कुछ करने का शौक है । डस्टबिन से पहले वे सर्विंग रोबोट भी बना चुके हैं । सर्विंग रोबोट को उन्होंने 15 दिन में तैयार किया था , जबकि डस्टबिन बनाने में उन्हें केवल 2 दिन का समय लगा था ।
सर्विंग रोबोट अपने मालिक की बात को सुनकर काम भी कर सकता है । इसमें कई सेंसर लगे हैं , जो इनसानी आवाज को सुन और समझ सकते हैं । यह रोबोट उनके निर्देशों का पालन करने में सक्षम है । उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिए इतनी कम उम्र में अनेक अवार्डों से भी सम्मानित किया जा चुका है ।
मोहम्मद हसन का स्वप्न एक स्वच्छ और स्वस्थ भारत का निर्माण करना है , जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अपनी योग्यता अनुसार देश के हित में कार्य करे और अपना जीवन सफल बनाए । आज महज 12 वर्षीय मोहम्मद हसन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं ।

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